Friday, April 10, 2026

अश्विन माह दो भागों में बंटा होता है, पहले 15 दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा होती है….

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 हिंदू सनातन धर्म में हर महीने की महत्ता बताई गई है. प्रत्येक महीने में कई त्योहार और पर्व भी पड़ते हैं. सबके मनाने के कारण और रीति-रिवाज भी मायने रखते हैं. शास्त्र के मुताबिक अभी हिंदू धर्म का सातंवा महीना शुरू हुआ है, जिसे अश्विन के नाम से जाना जाता है. इस महीने की शुरुआत आज सोमवार 8 सितंबर से हुई है.

अश्विन माह में जहां पित-पक्ष आता है. तो वहीं, माता दुर्गा के नवरात्रि की भी धूम रहती है. इसके बाद दशहरे का पावन त्योहार भी मनाया जाता है. इसके साथ-साथ शरद पूर्णिमा भी पड़ती है. उन्होंने कहा कि इस बार आश्विन माह की शुरुआत सोमवार 8 सितंबर से हो रही है, जो मंगलवार 7 अक्टूबर 2025 तक जारी रहेगा.

सबसे पहले पितृ-पक्ष
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि सितंबर महीने में सबसे पहले पितृ-पक्ष आएगा. इसकी शुरुआत कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानि रविवार 7 सितंबर से हो चुकी है. वहीं, इसका समापन अमावस्या तिथि पर होता है. इसको सर्वपितृ अमावस्या भी कहते हैं. बता दें, पितृपक्ष 15 दिनों तक चलते हैं और इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है. उन्होंने कहा कि हिंदू शास्त्र के मुताबिक ऐसा माना जाता है कि इन 15 दिनों में पितर धरती पर आते हैं और परिजनों को आशीर्वाद देते हैं.

अगले दिन से नवरात्रि की शुरुआत अमावस्या के दूसरे दिन ही माता रानी के नवरात्रियों की शुरुआत होती है. इन्हें शारदीय नवरात्रि भी कहा जाता है. इसकी शुरुआत अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिप्रदा से होती है. इस बार नवरात्रि 2025 की शुरुआत सोमवार 22 सितंबर से हो रही है, जो शुक्रवार 3 अक्टूबर तक चलेंगे. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है. नवरात्रि के पहले दिन शुभ पहर में घट स्थापना की जाती है. इसका समापन महानवमी के दिन होता है. वहीं, गुरुवार 2 अक्टूबर 2025 को विजयादशमी (दशहरा) मनाया जाएगा. इसी दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी किया जाता है.

प्रमुख त्योहारों पर डालें एक नजर

तारीखदिनत्योहार
8 सितंबर 2025सोमवारश्राद्ध
10 सितंबर 2025बुधवारसंकष्टी चतुर्थी
17 सितंबर 2025बुधवारविश्वकर्मा पूजा और इंदिरा एकादशी
19 सितंबर 2025शुक्रवारमासिक शिवरात्रि
21 सितंबर 2025रविवारपितृ-पक्ष समाप्त, सूर्य ग्रहण
22 सितंबर 2025सोमवारशारदीय नवरात्रि शुरू
25 सितंबर 2025गुरुवारविनायक चतुर्थी
30 सितंबर 2025मंगलवारदुर्गाष्टमी पूजा
1 अक्टूबर 2025बुधवारमहानवमी पूजा
2 अक्टूबर 2025गुरुवारदशहरा, मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन
3 अक्टूबर 2025शुक्रवारपापांकुशा एकादशी
4 अक्टूबर 2025शनिवारशनि प्रदोष व्रत
6 अक्टूबर 2025सोमवारशरद पूर्णिमा व्रत
7 अक्टूबर 2025मंगलवारवाल्मिकी जयंती

ये भी जानें
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि सितंबर महीने के पहले 15 दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा की जाती है. उसके बाद 15 दिनों तक मां दुर्गा के विभन्न रूपों की आराधना होती है. ऐसे में अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए अच्छा अवसर बन जाता है. उन्होंने आगे कहा कि आश्विन माह में दूध का प्रयोग करने से बचना चाहिए और मौसम बदलना शुरू हो जाता है इसलिए शरीर को बचाकर रखें.

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