केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को असम के डिब्रूगढ़ में 1,715 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया. इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने घुसपैठ, विकास व असम की संस्कृति के सम्मान को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला किया. शाह ने वहां उपस्थित लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोट करने की अपील की.
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने “घुसपैठ को वोट बैंक की राजनीति के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल किया” और पार्टी पर चुनावी फायदे के लिए असम की सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, “मैं राहुल गांधी से पूछता हूं कि कांग्रेस ने असम को बंदूकों, गोलियों, संघर्षों और मौतों के अलावा क्या दिया है.”
शाह ने राष्ट्रपति के ‘एट होम’ (At Home) कार्यक्रम के दौरान असम का पारंपरिक गमोसा न पहनने के लिए भी गांधी की आलोचना की और दावा किया कि यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान के प्रति सम्मान की कमी को दर्शाता है. उन्होंने कहा, “भाजपा असम की संस्कृति का कोई भी अपमान स्वीकार नहीं करेगी.”
कार्यक्रम के दौरान शुरू और उद्घाटन की गई परियोजनाओं को शाह ने भाजपा की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की असम के प्रति प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया. इनमें डिब्रूगढ़ में 284 करोड़ रुपये की लागत से दूसरे विधानसभा परिसर और विधायक छात्रावास की नींव रखना शामिल था, जो शहर को असम के दूसरे प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित करने की सरकार की योजना का हिस्सा है.

शाह ने 238 करोड़ रुपये की लागत से बने खानिकर बहु-विषयक खेल परिसर के पहले चरण का भी उद्घाटन किया और इसके दूसरे चरण की नींव रखी, जिसकी अनुमानित लागत 209 करोड़ रुपये है. उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाएं युवाओं के लिए अवसर पैदा करेंगी और असम के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेंगी. एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा चाबुआ में 292 करोड़ रुपये की लागत से वन्यजीव स्वास्थ्य और अनुसंधान केंद्र की नींव रखना थी, जिसके बारे में शाह ने कहा कि यह राज्य में संरक्षण प्रयासों और वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूत करेगा.
उन्होंने राष्ट्रीय आपदा शमन कोष के तहत 692 करोड़ रुपये की वेटलैंड (जलमग्न भूमि) बहाली परियोजना की भी शुरुआत की और दावा किया कि केंद्र ने असम को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं. शाह ने कहा, “कांग्रेस ने असम के विकास के लिए कुछ नहीं किया, लेकिन भाजपा राज्य की प्रगति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.”
उन्होंने आगे कहा कि प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता यूरोपीय बाजारों में निर्यात के नए अवसर खोलकर असम के चाय उद्योग को लाभ पहुंचाएगा. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, ने कहा कि ये परियोजनाएं “डबल इंजन सरकार” के दीर्घकालिक विकास पर ध्यान को दर्शाती हैं. सरमा ने कहा कि खानिकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे पड़ोसी राज्यों के एथलीटों को भी फायदा होगा.


