पटना | 23 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मतदान समाप्त होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एनडीए की सभी आठ सीटों पर जीत का दावा करते हुए जेडीयू विधायक अनंत सिंह पर तंज कसा। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “छोटे सरकार छोटे ही रह गए।” उनका यह बयान जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार और जनसुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के बीच मुकाबले को लेकर चर्चा में है।
अनंत सिंह पर मिथिलेश तिवारी का तंज
पटना स्नातक सीट के चुनावी समीकरणों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि यह मुकाबला ‘छोटे सरकार बनाम सरकार’ का नहीं है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि छोटे सरकार पहले से ही छोटे हैं और जीत सरकार की हो रही है।
मिथिलेश तिवारी के इस बयान को पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह की राजनीतिक भूमिका और उनके समर्थन वाले उम्मीदवार से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, चुनाव का अंतिम परिणाम मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
एनडीए की सभी आठ सीटों पर जीत का दावा
शिक्षा मंत्री ने बिहार विधान परिषद की आठों सीटों पर एनडीए की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में एनडीए के उम्मीदवारों के सामने विपक्ष की ओर से कोई बड़ी चुनौती नहीं थी।
तिवारी ने विपक्षी उम्मीदवारों की चुनावी दावेदारी पर भी टिप्पणी की। हालांकि, मतदान के बाद लगाए गए इस जीत के दावे की पुष्टि मतगणना के नतीजों से ही होगी।
नीरज कुमार के विरोध में अनंत सिंह ने किया था समर्थन
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर, अनंत सिंह ने नीरज कुमार का विरोध करते हुए जनसुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने की बात कही थी।
मतदान के दिन अनंत सिंह ने अपने समर्थित उम्मीदवार की जीत का दावा भी किया था। खबर के मुताबिक, उनके सरकारी आवास पर मतदान समाप्त होने से पहले समर्थकों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया।
इस घटनाक्रम के बाद पटना स्नातक सीट बिहार विधान परिषद चुनाव की चर्चित सीटों में शामिल हो गई है। अब इस सीट पर एनडीए और जनसुराज के उम्मीदवारों के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलकों में नजरें टिकी हैं।
27 अक्टूबर को होगी मतगणना
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ। अब मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है।
मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि पटना स्नातक सीट समेत अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में किस उम्मीदवार को जीत मिली। फिलहाल, मतदान के बाद नेताओं के बयान और चुनावी दावे बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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