Bihar: अगर ओवरब्रिज का निर्माण हो गया होता तो आग से कई घर बच जाते, लेकिन पुल निर्माण विभाग की लेटलतीफी के कारण रेलवे फाटक पर दमकल की गाड़ी फंसी रही और उधर एक दर्जन से अधिक घर जलकर खाक हो गए। आइये जानते है पूरा मामला…
सहरसा में रेलवे समपार फाटक जहां शहर को दो भाग में बाट कर रखा है। वहीं कई आपातकालीन सेवाओं का लाभ भी लोगों को समय पर नहीं मिल पा रहा है। ताजा मामला शहर के गंगजला समपार फाटक का है। शुक्रवार की देर रात सौर बाजार थाना क्षेत्र के चंदौर में आधे दर्जन घर में आग लग गई।
जिसपर नियंत्रण के लिए शहरी क्षेत्र से अग्निशमन को बुलाया गया, लेकिन जितनी जल्दी में अग्निशमन विभाग की दमकल गाड़ी निकली, वह जल्दबाजी गंगजला ढाला पर जाकर रुक गई। लगभग आधे घंटे से अधिक समय तक दमकल की घंटी ओर सायरन बजती रही, लेकिन ट्रेन गुजरने के बाद उसे फाटक उठा कर जाने को दिया गया। तब तक कई घर और जानवर जलकर राख हो गए। लोगों ने कहा कि यदि समय पर जिला मुख्यालय से दमकल आ जाता तो राहत मिल सकती थी। मालूम हो कि जाम में पूर्व में कई लोगों की मौत हो चुकी है।
बन रहा है लाइट ओवरब्रिज
कई महीनों से गंगजला समपार फाटक पर लाइट ओवरब्रिज बन रहा है। जिसे बीते दिसंबर माह में ही पूर्ण होने की बात कही गई थी, लेकिन अभी लाइट ओवरब्रिज पर छड़ ही बंधा जा रहा है। वहीं शहर के मध्य स्थित बंगाली बाजार समपार फाटक पर वर्षों से ओवरब्रिज की मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। 23 जनवरी को इस मामले को लेकर पुल निर्माण विभाग द्वारा पटना उच्च न्यायालय में दायर एलपीए की सुनवाई डबल बेंच करेगी। लोगों को उम्मीद है कि अब निर्माण का रास्ता साफ होगा।



