जितिया व्रत हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। इसे जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहते हैं। यह सबसे कठिन व्रतों में से एक माना गया है।
यह व्रत संतान की खुशहाली व प्राप्ति की कामना के साथ रखा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, यह व्रत भगवान श्रीकृष्ण के समय किया जा रहा है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से संतान वियोग का सामना नहीं करना पड़ता है। जानें इस साल अगस्त या सितंबर में कब रखा जाएगा जितिया व्रत, पूजन मुहूर्त व व्रत विधि।जितिया व्रत कब है: इस साल जितिया व्रत 14 सितंबर 2025 को है। यह व्रत मुख्य रूप से बिहार, झारखंड व यूपी में मनाया जाता है। इस व्रत की शुरुआत नहाय-खाय से होती है और अगले दिन निर्जला व्रत किया जाता है और तीसरे दिन व्रत पारण की परंपरा है। नहाय खाय 13 सितंबर को किया जाएगा।जीवित्पुत्रिका व्रत मुहूर्त: हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 14 सितंबर को सुबह 05 बजकर 04 मिनट पर प्रारंभ होगी और 15 सितंबर को सुबह 03 बजकर 06 मिनट पर समाप्त होगी।जितिया व्रत पूजन मुहूर्त 2025:ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:33 बजे से सुबह 05:19 बजे तक।अभिजित मुहूर्त- सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक।विजय मुहूर्त- दोपहर 02:20 बजे से दोपहर 03:09 बजे तक।गोधूलि मुहूर्त- शाम 06:27 बजे से शाम 06:51 बजे तक।रवि योग- सुबह 06:05 बजे से सुबह 08:41 बजे तक।जितिया व्रत पारण का मुहूर्त: जितिया व्रत पारण का शुभ मुहूर्त 15 सितंबर को सुबह 06 बजकर 10 मिनट से सुबह 08 बजकर 32 मिनट के बीच रहेगा।जितिया व्रत विधि: जितिया व्रत में भगवान जितेश्वर और मां गंगा की पूजा का विधान है। इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। व्रत का संकल्प लें। अब भगवान की मूर्ति या प्रतिमा को एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर स्थापित करें। विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें। इस व्रत में कथा पढ़ने या सुनने का विशेष महत्व है।


