Tuesday, June 9, 2026

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़गाई जमीन मामले में बड़ा झटका लगा है.

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रांची: झारखंड के चर्चित बड़गाई जमीन मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़ा कानूनी झटका लगा है. रांची स्थित पीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने उनकी ओर से दायर डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी है. अदालत ने कहा कि मामले में उपलब्ध साक्ष्य, दस्तावेज और गवाहों के बयान प्रथम दृष्टया सुनवाई योग्य हैं, इसलिए आरोपों की जांच मुकदमे के दौरान की जाएगी.

लोअर कोर्ट के अधिवक्ता संजय कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 3 जून को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और 8 जून को फैसला सुनाया गया. उन्होंने बताया कि चार्ज फ्रेम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गवाही का दौर शुरू होगा.

क्या है मामला

यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज ईसीआईआर संख्या 06/2023 से जुड़ा है. ईडी का आरोप है कि बड़गाई मौजा स्थित लगभग 8.86 एकड़ भूमि से जुड़े कथित अनियमित लेनदेन और दस्तावेजी हेरफेर की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं.

अदालत ने क्या कहा?

विशेष पीएमएलए कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि डिस्चार्ज याचिका पर सुनवाई के दौरान साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण नहीं किया जाता. इस स्तर पर केवल यह देखा जाता है कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत सामग्री आरोप तय करने के लिए पर्याप्त है या नहीं. अदालत के अनुसार ईडी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और गवाहों के बयान प्रथम दृष्टया मामला बनाते हैं.

जांच में किन तथ्यों का उल्लेख?

ईडी की जांच में भूमि से संबंधित दस्तावेजों, रजिस्टरों और अन्य अभिलेखों की जांच की गई है. जांच के दौरान राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद के पास से 17 मूल रजिस्टर और भूमि से संबंधित कागजात बरामद हुए थे. जांच एजेंसी का दावा है कि भूमि के कब्जे, नियंत्रण और उससे जुड़े लाभार्थियों को लेकर पर्याप्त सामग्री एकत्र की गई है.

अदालत ने अपने आदेश में गवाह संतोष मुंडा के बयान का भी उल्लेख किया है. आदेश के अनुसार, संतोष मुंडा लंबे समय तक उक्त जमीन पर केयरटेकर के रूप में कार्यरत था और उसने मामले से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई.

अब आगे क्या?

डिस्चार्ज याचिका खारिज होने के बाद अब मामले में आरोप तय करने और नियमित ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. अदालत के इस फैसले के बाद ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़े इस मामले में सुनवाई का अगला चरण शुरू होगा. बता दें कि बड़गाई जमीन मामला झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है. इसी मामले में हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा था. उन्हें ईडी ने न्यायिक हिरासत में लिया था.

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