अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा आज यानी 9 जून 2026 को एक बड़ा ऐलान करने वाला है. हॉस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर में एक खास कार्यक्रम के दौरान नासा अपने Artemis III मिशन के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्रियों के नाम दुनिया के सामने रखेगा. यह ऐलान भारतीय समयानुसार रात 9:00 बजे होगा. नासा ने पहले 11:00am ET यानी भारतीय समयानुसार आज रात 8:30 बजे चारों अंतरिक्ष यात्रियों के नामों का ऐलान करने का फैसला किया था, लेकिन आज नासा ने एक अपडेट अनाउंसमेंट करके जानकारी दी कि अब ये घोषणा 11:30am ET यानी भारतीय समयानुसार आज रात 9 बजे होगी. इसे NASA+, NASA के YouTube चैनल और NASA के X अकाउंट पर लाइव देखा जा सकता है. स्पेस कम्युनिटी में इस ऐलान का बेसब्री से इंतज़ार किया जा रहा है क्योंकि यह मिशन इंसान को एक बार फिर चांद की सतह पर उतारने की तैयारी का हिस्सा है.
Artemis II मिशन अप्रैल 2026 में सफलतापूर्वक पूरा हुआ, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की कक्षा में गए और ओरियन स्पेसक्राफ्ट की गहरे अंतरिक्ष में काम करने की क्षमता को परखा गया. उस मिशन की सफलता के बाद अब नासा ने अगले कदम की तैयारी शुरू कर दी है. Artemis III के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों को चुना गया है जिनके नाम अभी तक गुप्त रखे गए हैं. आज के ऐलान के साथ नासा अधिकारी मिशन की तैयारियों और आगे होने वाले प्रोग्रेस का भी अपडेट देंगे.
Artemis III मिशन क्या करेगा और कब होगा लॉन्च
Artemis III एक बेहद महत्वाकांक्षी मिशन है. इसमें नासा का ओरियन स्पेसक्राफ्ट प्राइवेट कंपनियों के लूनर लैंडिंग व्हीकल के साथ डॉक करेगा, जो चंद्रमा की ऑर्बिट में मौजूद होंगे. यह मिशन भविष्य में इंसान को चांद की सतह पर उतारने के लिए जरूरी तकनीकों और तरीको को परखेगा. इसके साथ ही अंतरिक्ष यात्री पहले से ज्यादा समय अंतरिक्ष में बिताएंगे, जिससे कई अहम सिस्टम्स पर लंबे दबाव का अध्ययन किया जा सकेगा.
लॉन्च की बात करें तो नासा ने इस मिशन के लिए 2027 के मध्य का लक्ष्य रखा है. Northrop Grumman ने हाल ही में स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट के लिए अब तक के सबसे बड़े सॉलिड रॉकेट बूस्टर सेगमेंट्स डिलीवर किए हैं, जिन्हें आने वाले महीनों में Kennedy Space Center पर जोड़ा जाएगा.
Artemis III क्रू का ऐलान, सिर्फ इस मिशन पर जाने वाले चार अंतरिक्ष यात्रियों के नाम की घोषणा से कहीं बड़ी बात है. यह घोषणा नासा के चांद को एक्सप्लोर करने वाले अध्याय की शुरुआत है. इस मिशन में जो टेक्नोलॉजी आज़माई जाएंगी, वही भविष्य में इंसान को चांद पर रहने और काम करने में सक्षम बनाएंगी. अगर यह मिशन सफल रहा तो नासा का मंगल ग्रह पर इंसान को भेजने का सपना भी एक कदम और करीब आ जाएगा.


