एप्पल के सालाना इवेंट WWDC 2026 में कई नई चीजों की घोषणा की गई, जिनसे सबसे ज्यादा चर्चा नए अपडेट यानी iOS 27 और Siri के नए अवतार की हो रही है. हालांकि, इसके अलावा भी एप्पल ने कुछ बड़े ऐलान किया है, जिनमें से एक बच्चों की सुरक्षा के लिए पेश किया गया चाइल्ड सेफ्टी फीचर्स भी हैं. एप्पल ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए कई नए फीचर्स पेश किए हैं, जो आईफोन और आईपैड पर बच्चों के अनुभव को पूरी तरह सुरक्षित और उम्र के हिसाब से ढालने में मदद करेंगे.
एक्सपर्ट्स ने भी बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए लॉन्च किए गए फीचर्स की तारीफ की है और कहा है कि यह एप्पल की प्राइवेसी-फर्स्ट वाली सोच को बिल्कुल सही साबित करता है, वो भी खासकर तब जब पूरी दुनिया में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सरकारें सख्त होती जा रही हैं.

इस अपडेट में माता-पिता को एक नया चाइल्ड अकाउंट फीचर मिलेगा, जिससे वो अपने बच्चों के लिए अलग और सुरक्षित डिजिटल माहौल बना सकेंगे. यह अकाउंट बच्चे की उम्र के हिसाब से काम करेगा यानी बच्चे की जितनी उम्र होगी, उसे उसी के हिसाब से फीचर्स का एक्सेस मिलेगा.
इसमें एडल्ट वेबसाइट्स को अपने आप ब्लॉक करना, ऐप स्टोर पर उम्र के अनुसार ऐप्स दिखाना और मीडिया कंटेंट पर पाबंदी जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इसके अलावा स्क्रीन टाइम का नया डिज़ाइन, आस्क टू ब्राउज़ और टाइम एलाउंस जैसे फीचर्स भी जोड़े गए हैं, जिनसे पैरेंट्स को बच्चों पर नज़र रखना आसान होगा.
बच्चों पर रहेगी पूरी नज़र
एप्पल ने कम्यूनिकेशन सेफ्टी को भी इस अपडेट के जरिए शामिल किया है. अब पैरेंट्स यह तय कर सकते हैं कि उनका बच्चा किससे बात कर सके और किससे नहीं. हर नए कॉन्टैक्ट को जोड़ने से पहले माता-पिता की मंजूरी जरूरी होगी.

इसके अलावा अगर बच्चे के पास कोई एक्सप्लिट यानी आपत्तिजनक या हिंसक कंटेंट आता है तो एप्पल का सिस्टम अपने आप उसे रोकने की कोशिश करेगा. यह फीचर उन पैरेंट्स के लिए बेहद राहत देने वाला है, जो हमेशा इस बात से परेशान रहते हैं कि उनका बच्चा फोन पर क्या देख रहा है और किससे बात कर रहा है.
सीएमआर के वीपी प्रभु राम का कहना है कि जो प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित माहौल देगा, वही आगे चलकर सबसे मजबूत होगा. उन्होंने यह भी कहा कि एप्पल का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर एक साथ होने की वजह से पैरेंटल कंट्रोल्स का अनुभव एंड्रॉयड की तुलना में कहीं ज्यादा गहरा और एकसमान होता है.

काउंटरपॉइंट रिसर्च के तरुण पाठक का कहना है कि बच्चों की प्राइवेसी इस पूरे इवेंट का दूसरा सबसे अहम हिस्सा था. उनके मुताबिक बच्चों का ज्यादा स्क्रीन टाइम और वो अपने फोन पर क्या देख सकते हैं, यह हरेक माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता है. ऐसे में एप्पल ने इसे गंभीरता से लेते हुए कई मजबूत सुरक्षा कदम उठाए हैं.


