पटना। राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत आटिज्म का सेंटर ऑफ एक्सीलेस पटना के गर्दनीबाग में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए आरक्षित 4.55 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा।
- यह केंद्र आटिज्म की पहचान, इलाज, थेरैपी, प्रशिक्षण और रिसर्च के लिए विकसित किया जाएना। सरकार की ओर से अभी निर्माण शुरू होने की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
- संभावनाव्यक्त की गई है कि परियाेजना के शुरुआत की घोषणा जल्द होगी। प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल ने स्वीकृत पहले ही दे दी है।
- स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में आटिज्म से पीडि़त बच्चों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि आटिज्म की पहचान के लिए प्रखंड स्तर से लेकर राज्य स्तर तक स्क्रीनिंग व्यवस्था मजबूत की जाएगी, ताकि बच्चों में शुरुआती लक्षणों की समय रहते पहचान हो सके।
- इस सेंटर में बच्चों के लिए प्रारंभिक जांच, स्पीच थेरैपी, बिहेवियर थेरैपी, विशेष प्रशिक्षण और विशेषज्ञ डाक्टरों की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही यहां आटिज्म से जुड़े मामलों पर रिसर्च और विशेषज्ञों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
बिहार में ही होगा इलाज
विभाग का मानना है कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू होने का बड़ा फायदा यह होगा कि बिहार के पीडि़त परिवारों को इलाज और थेरैपी के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
अभी कई अभिभावक बच्चों के इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में जाते हैं, जिससे आर्थिक और मानसिक परेशानी बढ़ती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आटिज्म की जल्दी पहचान और सही समय पर प्रशिक्षण मिलने से बच्चों के व्यवहार, पढ़ाई और सामाजिक जीवन में काफी सुधार लाया जा सकता है। यह सेंटर बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी काउंसलिंग और मार्गदर्शन की सुविधा देगा।


