Sunday, May 24, 2026

रिम्स निदेशक के नेतृत्व में चिकित्सकों की एक टीम ने महिला मरीज की सफलतापूर्वक जटिल स्पाइनल सर्जरी की.

Share

रांची: रिम्स निदेशक और प्रख्यात न्यूरो सर्जन डॉ. राजकुमार के नेतृत्व में न्यूरो सर्जरी की टीम ने बोकारो निवासी 29 वर्षीय सोनी देवी को हमेशा के लिए लकवा ग्रस्त और अपंग होने से बचा लिया है. रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिशिर कुमार महतो ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि सोनी देवी, सीढ़ी से गिरने के बाद गंभीर स्पाइनल चोट का शिकार होकर रिम्स आई थीं.

सीढ़ी से गिरने के बाद गर्दन की हड्डियों में आई थी गंभीर चोट

20 अप्रैल 2026 को हुई इस दुर्घटना की वजह से उनकी गर्दन की हड्डियों C5 एवं C6 में गंभीर चोट लगी थी, जिससे स्पाइनल कॉर्ड पर दबाव बन रहा था, इस वजह से मरीज सोनी के पैरों में काफी कमजोरी आ गई थी और दोनों ऊपरी एवं निचले अंगों की शक्ति केवल 3/5 रह गई थी.

MRI जांच में हुई चोट की पुष्टि

सोनी देवी का एमआरआई जांच में सोनी देवी के सर्वाइकल स्पाइन में ‘कॉर्ड एडेमा’ के साथ गंभीर चोट की पुष्टि हुई थी. मरीज की स्थिति को देखते हुए रिम्स न्यूरो सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा अत्यंत जटिल ऑपरेशन “C5-C6 Corpectomy with Corpectomy Cage” करने का निर्णय लिया लिया और 22 मई को सफल ऑपरेशन कर सोनी को स्थाई रुप से लकवा ग्रस्त होने से बचा लिया गया. यह ऑपरेशन संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. राजकुमार के नेतृत्व में सफल रहा.

मरीज की गर्दन की टूटी हुई हड्डियां स्पाइनल कॉर्ड को दबा रही थीं, जिसके कारण हाथ-पैरों में कमजोरी खड़ी हो गई थी. यदि समय पर कुशलतापूर्वक ऑपरेशन नहीं किया जाता तो मरीज को स्थायी लकवा (Paralysis) होने का खतरा था. इस प्रकार की सर्जरी बेहद संवेदनशील होती है, जिसमें ऑपरेशन के दौरान हाथ-पैरों के लकवाग्रस्त होने का भी जोखिम भी बना रहता है: डॉ. आनंद प्रकाश, न्यूरोसर्जन

सक्सेसफुल ऑपरेशन के बाद मरीज के चेहरे पर आई खुशी

सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. अब उनके हाथ एवं पैर सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं. वर्तमान में मरीज के सभी अंगों की शक्ति 5/5 है तथा वह सामान्य गतिविधियां करने में सक्षम है. इस सफल सर्जरी ने एक बार फिर आधुनिक न्यूरो सर्जरी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम की दक्षता को साबित किया है.

Read more

Local News