पश्चिम एशिया युद्ध से LPG आपूर्ति बाधित, देशभर में किल्लत और कीमतें बढ़ीं. सरकार ने एस्मा लगाया, रेलवे और कैंटीन अब इलेक्ट्रिक कुकिंग अपना रहे
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने अब भारत की रसोई तक अपनी तपिश पहुंचा दी है. पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति शृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर भारत में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता पर पड़ रहा है. आज, 12 मार्च को देश के विभिन्न हिस्सों से रसोई गैस की कमी और बढ़ती कीमतों की खबरें सामने आ रही हैं.
प्रमुख शहरों में एलपीजी की वर्तमान दरें (14.2 किलोग्राम)
आपूर्ति में अनिश्चितता के बीच देश के महानगरों में आज घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं:
- पटना: ₹942.50
- चेन्नई: ₹928
- नई दिल्ली: ₹913
- मुंबई: ₹912.50
- हैदराबाद: ₹905
- बेंगलुरु: ₹855.50
- कोलकाता: ₹879 से ₹930 के बीच (अपडेट के अनुसार)
आपूर्ति संकट का कारण: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा
भारत अपनी प्राकृतिक गैस की कुल मांग (लगभग 191 mmscmd) का करीब आधा हिस्सा आयात करता है. आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ के रास्ते टैंकरों के जरिए आता है. युद्ध के कारण इस समुद्री मार्ग पर टैंकरों की आवाजाही बाधित हुई है, जिससे भारत को मिलने वाली लगभग 60 mmscmd गैस की सप्लाई कम हो गई है. इसी कमी ने देशभर में किल्लत की स्थिति पैदा कर दी है.
देशभर में ‘पैनिक बुकिंग’ और प्रभाव
गैस खत्म होने के डर से उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और अन्य राज्यों में उपभोक्ताओं ने भारी मात्रा में सिलेंडर की ‘पैनिक बुकिंग’ शुरू कर दी है. इसका सबसे बुरा असर कमर्शियल सेक्टर पर पड़ा है.
दिल्ली हाई कोर्ट: यहां की वकीलों की कैंटीन ने एलपीजी की कमी के कारण अस्थायी रूप से ‘मेन कोर्स’ परोसना बंद कर दिया है.
रेलवे की तैयारी: इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने अपने पश्चिमी क्षेत्र के फूड प्लाजा और ‘जन आहार’ केंद्रों को निर्देश दिया है कि वे खाना पकाने के वैकल्पिक तरीकों जैसे इंडक्शन प्लेट और माइक्रोवेव ओवन का तुरंत इंतजाम करें ताकि यात्रियों को भोजन मिलता रहे.
सरकार का सख्त कदम: एस्मा (ESMA) लागू
बढ़ती कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ लागू कर दिया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि रसोई गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं होने दी जाएगी और स्टॉक की जमाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. पेट्रोलियम मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि वे घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर बुक न करें, क्योंकि इससे वितरण व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है.
इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर बढ़ता रुझान
गैस सिलेंडर मिलने में हो रही देरी और अनिश्चितता के कारण अब लोग बिजली से चलने वाले उपकरणों (इंडक्शन कुकटॉप) की ओर रुख कर रहे हैं. बाजार में इलेक्ट्रिक चूल्हों की मांग में अचानक 40% तक का उछाल देखा गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो आने वाले हफ्तों में एलपीजी की कीमतों में और भी इजाफा हो सकता है. फिलहाल, सरकार रणनीतिक भंडार का उपयोग करके स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है.


