रांची:झारखंड के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र प्रसाद सिंह की पुण्यतिथि रविवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, रांची में मनाई गई. इस दौरान दिवंगत नेता की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के जेपी चौधरी सभागार में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, कृषि विपणन पर्षद के अध्यक्ष रविंद्र सिंह, प्रदेश महासचिव आभा सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसियों ने अपने दिवंगत नेता राजेंद्र प्रसाद सिंह को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया. इस बीच राजेंद्र बाबू अमर रहे के नारे भी लगाए गए.
राजेंद्र प्रसाद सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि राजेंद्र प्रसाद सिंह न सिर्फ झारखंड कांग्रेस के स्तंभ थे, बल्कि सदैव कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में लगे रहने वाले नेता थे. वह एक कुशल मजदूर नेता भी थे और मजदूरों के हितों की लड़ाई लड़ने में वह हमेशा आगे रहते थे. झारखंड-बिहार की राजनीति में उनकी कमी आज भी महसूस होती है.
मजदूरों के हितों की लड़ाई जारी रखने का लिया संकल्प
जिस तरह की लड़ाई राजेंद्र प्रसाद सिंह ने लड़ी उसे भुलाया नहीं जा सकता है. राजेश ठाकुर ने कहा कि आज उनकी पुण्यतिथि पर यह संकल्प लेने की जरूरत है कि हम सब राजेंद्र बाबू के द्वारा मजदूरों के हितों के लिए शुरू की गई लड़ाई को कैसे आगे बढ़ाएं. राजेश ठाकुर ने कहा कि आज भाजपा की सरकार में मजदूरों की हकमारी हो रही है. ऐसे में राजेंद्र बाबू के बताए रास्ते पर चलकर मजदूरों की लड़ाई और मजबूती से लड़ने का संकल्प कांग्रेसियों ने लिया है.
श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में उपस्थित अन्य कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि राजेंद्र प्रसाद सिंह सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि मजदूरों की सशक्त आवाज थे. खासकर उन्होंने कोयला खदानों में काम करने वाले मजदूरों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया और कई कल्याणकारी योजनाओं को लागू कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वक्ताओं ने कहा कि वे ऐसे नेता थे जो सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे. मजदूर राजनीति और मुख्यधारा की राजनीति के बीच संतुलन स्थापित कर उन्होंने एक नई मिसाल पेश की.
इंटक (INTUC) के राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रहते हुए उन्होंने मजदूर संगठनों को मजबूती दी और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, तो स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए उन्होंने एक कलम से रिम्स की सैकड़ों अनुबंधित नर्सों की सेवा स्थायी कर और स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से कॉन्ट्रैक्ट पर सेवा दे रहे पारा मेडिकल स्टाफ, फार्मासिस्ट और नर्सों की सेवा स्थायी कर के उन्होंने यह दिखा दिया था कि गठबंधन की सरकार में भी जब इरादा नेक हो तो बड़े-बड़े निर्णय जनहित में लिए जा सकते हैं.


